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Paavani
Paavani

Ebook : 70 INR     Paperback : 270 INR

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ISBN : 978-93-86352-82-8

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1980 और 90 के दशक । भोपाल शहर में निवासित एक ख़ुशहाल मध्य-वर्गीय परिवार – मृदुला और रविकान्त माथुर और उनका इकलौता बेटा, अनुराग। जब अनुराग अपनी किशोरावस्था में पहुँचता है, तब इनके आनन्दमय जीवन में एक विदारक त्रासदी हो जाती है, जिसका पूरा दोष अनुराग पर आ जाता है । एक तरफ बाप के मन का ज्वलन्त रोष, और दूसरी तरफ बेटे के हृदय में जड़ित अपराध-बोध । पिता और पुत्र के बीच एक ऐसी दरार बन जाती है , जिसको लाँघ पाना असम्भव-सा हो जाता है । ऐसी परिस्थितियों में इनके जीवन में प्रवेश करती है पावनी । सहज और चंचल, प्यार से भरी हुई , मन में असीम उत्साह लिए । एकऐसी अनोखी भूमिका निभाने के लिए जिसके बारे में वह खुद भी नहीं जानती । क्या वह इस घर पर छाई हुई कुण्ठा को दूर कर, इस परिवार का खोया हुआ सुख-चैन वापस ला पाती है ...?
संवेदना, कोमलता और सुमधुर प्रेम से समन्वित, युवा भावनाओं के स्फुरण और उल्लास से रंजित इस उपन्यासमें पढ़िए ..... ।
वर्ष1981 से लेकर 2014 तक के चार दशकों और दो पीढ़ियों की जीवन–यात्राको तय करती हुई एक अनुपम गाथा ।

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-93-86352-82-8

Number of Pages : 295

Weight : 250 gm

Binding Type : Ebook , Paperback

Paper Type : Cream Paper(70 GSM)

Language : Hindi

Category : Fiction

Uploaded On : May 23,2017

Partners : google play , Payhip , Amazon Kindle , Smashwords , pustakmandi.com , Kraftly , Flipkart , Kobo

शिव प्रसाद जन्म: 17 जून, 1963 प्रारम्भिक जीवन: पिता खनन-अभियन्ता थे और उन्होंने अपनी पूरी नौकरी राउरकेला ( उड़ीसा) और जमशेदपुर( तत्कालीन बिहार ) में की थी। परिणामस्वरूप लेखक की बारहवीं तक की शिक्षा भी उसी प्रान्त में हुई ।उसके पश्चात इन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी ( खड़कवासला, पुणे) में प्रवेश लिया और वर्ष 1985 में भारतीय थल सेना में सेकन्ड लेफ्टिनेन्ट के पद में कमीशन प्राप्त किया । सेना के' कोर ऑफ सिगनल्स ' में करीब इक्कीस वर्ष सेवा करने के बाद लेफ्टिनेन्ट कर्नल के पद में निवृत्ति ली । उसके बाद नौ साल निजी क्षेत्र में कार्यरत रहे । इन दिनों ये स्वनियोजित हैं।हिन्दी भाषा में इनकी रुचि स्कूल के दिनों में ही सन्दीपित हुई थी और यह रुचि इतने वर्षों से इनके साथ ही रही । अब,53 वर्ष की आयु में यह पुस्तक उपन्यास-लेखन की दिशा में लेखक का पहला प्रयास है ।मध्य प्रदेश से, जो कि इस उपन्यास का मुख्य स्थान-आधार है, इनका ख़ास लगाव है, विशेषतः इन्दौर और भोपाल शहरों से, जहाँ इन्होंने सेना में कार्यरत होने के दौरान काफी समय गुज़ारा था ।


सम्पर्क: www.facebook.com /shivprasad63


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