Book Detail

Kalyani Maa
Kalyani Maa

Ebook : 50 INR     Paperback : 150 INR

Not Reviewed

ISBN : 978-93-86352-80-4

Availability: In Stock

Choose Binding Type

Quantity

Check Availability At
‘कल्याणी माँ’ एक लघु उपन्यास है। यह एक ऐसी औरत की कहानी है जिसको सामाजिक, पारिवारिक परिस्थिति तथा प्रकृति ने धूल में मिला देना चाहा परन्तु वह अदम्य साहस के बलपर उन पर विजय पा ली और आसपास के क्षेत्र में धैर्य, हौंसला और कर्मठता की प्रेरणा बन गयी। विपरीत परिस्थिति में पति के मृत्यु के बाद उसकी हालात पेड़ से टूटी पत्ती की तरह हो गयी। हवा का हल्का झोंका भी उसे बिचलित कर देता था। उसके ऊपर जिम्मंेदारियों का पहाड़ टूट पडा। एक साधारण औरत की तरह थोड़ी देर के लिए वह भी घबरा गई परन्तु वह साधारण औरत नहीं थी। उसने जिम्मंेदारी को समझी और जल्दी ही संभल गई। पति खोने का दुःख को भुला कर छोटे-छोटे पांच बच्चों की खातिर भविष्य से दो-दो हाथ करने के लिए चट्टान की तरह खड़ी हो गई। छुई-मुई की तरह रहने वाली एक देहाती औरत शक्तिशाली सिंहनी बन गई। अपने सभी बच्चों को जीवन में स्थापित कर, उसने जब अंतिम सांस ली, उसे श्रद्धांजलि देने कई गाँव के ग्रामवासी उमड़ पड़े। पढ़िए कहानी एक मजदूरीन की जो हजारों लोगांे की प्रेरणा स्रोत बन गई।


फरवरी 07, 2017 ‘कालीपद प्रसाद’

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-93-86352-80-4

Number of Pages : 183

Weight : 150 gm

Binding Type : Ebook , Paperback

Paper Type : Cream Paper(70 GSM)

Language : Hindi

Category : Fiction

Uploaded On : May 19,2017

Partners : pustakmandi.com , google play , Payhip , Smashwords , Flipkart

Compare Prices
Seller
Binding Type
Price
Details
Paperback
143 INR / 2.21 $
Ebook
70 INR / 1.08 $
Ebook
70 INR / 1.00 $
Ebook
64.46 INR / 1 $
paperback
170 INR / 2.62 $
Customer Reviews
  • Give Your Review Now

Ebook : 50 INR

Embed Widget