Book Detail

Gadha yahin ka
Gadha yahin ka

Ebook : 30 INR     Paperback : 200 INR

Not Reviewed

ISBN : 978-93-86352-67-5

Availability: In Stock

Check Availability At
Choose Binding Type

Quantity

गधा यहीं का
कमल किषोर दुबे ‘‘कमल’’ का हास्य-व्यंग्य संग्रह है जिसमें विभिन्न विषयों पर सार्थक और मनोरंजक 25 व्यंग्य समाहित हैं। यह व्यंग्य स्वास्थ्यवर्धक हास्य के साथ-साथ सामाजिक विषमताओं, विद्रूपताओं, भ्रष्टाचार और बुराइयों के प्रति एक कसक पैदा करते हैं, कचोटते हैं, सोचने पर मज़बूर करते हैं। अच्छे सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रेरित करते हैं।
श्री दुबे ने ‘‘पगले, रेल से पंगा मत ले’, ‘काष! हम भी खुषहाल होते’, ‘साहित्य के चितेरे...., ‘खबरीलाल का श्वान प्रेम’, ‘काष! हम भी होते’, ‘पीक की पिचकारी’, ‘ऊँचाई का बेज़ा फायदा’, ‘फटे में टाँग...’, ‘जो दिल से बोलते हैं’, ‘षतायु भव’, ‘टाँग खिंचाई-हमारी प्रभुताई’, ‘षराफ़त यानी आफ़त का पुलिंदा’, ‘गधा यहीं का...’, ‘परजीवी प्राणी’, ‘जादुई रंग का चमत्कार’, ‘सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क’, ‘आज़ादी के मायने’, ‘बाॅस इज आॅलवेज राइट’, ‘उधार लो और घी पियो’, ‘चुनावी समर...’, ‘आष्वासन अस्त्र, कला या धरोहर’, ‘हम सब उस्ताद् हैं’, ‘चल गई,’ और ‘सूखे का सुख’ षीर्षकों’’ के अंतर्गत मुस्कान, ठहाकों, चुभन और बेचैनी का बौद्धिक संगम प्रस्तुत किया है।
श्री दुबे के व्यंग्य सामाजिक विषमताओं, व्यवस्था और राजनीतिक परिस्थितियों से उपजे हैं। लगा-लिपटा हास्य स्वास्थ्यवर्धक कड़वी गोली के ऊपर लगी चासनी की तरह है।

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-93-86352-67-5

Number of Pages : 100

Weight : 200 gm

Binding Type : Ebook , Paperback

Paper Type : Cream Paper(58 GSM)

Language : Hindi

Category : Fiction

Uploaded On : May 5,2017

Partners : google play , Payhip , Smashwords , Kobo , pustakmandi.com

कमल किशोर दुबे ‘कमल’




जन्म तिथिः- 26 दिसम्बर,1958




जन्म स्थानः- पिपरिया, जिला- होशंगाबाद (म.प्र.)




पिताः- पं० श्यामलालजी दुबे




मूलनिवासीः- ग्र्राम-शोभापुर, जिला-होशंगाबाद (म.प्र.)




शिक्षाः- बी.एस.सी., एल.एल.बी., जनसंचार एवं पत्रकारिता में




स्नातकोत्तर उपाधि।




संप्रतिः- जन सम्पंर्क अधिकारी, पश्चिम मध्य रेल, जबलपुर।




हास्य व्यंग्य के साथ-साथ काव्य में गीत, ग़ज़ल, कविता, व्यंग्य एवं कहानी लेखन।




मंच संचालक, स्तम्भ लेखक, पश्चिम मध्य रेल गृहपत्रिका के सम्पादक।




अनेक मंचों व संस्थाओं द्वारा अलंकरण एवं पुरुस्कारों से सम्मानित।




प्रकाशित कृतियाॅ




पंखुड़ियाॅं गुलाब की-काव्य संग्रह एवं दोषी कौन-कहानी संग्रह।




मुहब्बत का चिराग़-ग़ज़ल संग्रह, गधा यहीं का-व्यंग्य संग्रह।




श्रीहरि-सरलगीता-श्रीमद्भगवद्गीता का दोहे-चैपाई में पद्यानुवाद।




दैनिक जागरण, भोपाल के स्तम्भ धनंजय के तीर के स्तम्भकार ।




ग़ज़ल संग्रह ‘‘मुहब्बत का चिराग’’ रेल मंत्रालय द्वारा मैथिलीशरण गुप्त पुरुस्कार-2015 से सम्मानित ।




सम्पंर्क सूत्रः- ‘कलश’,114-सेक्टर सी, विद्यानगर, होशंगाबाद रोड, भोपाल-462026 (म.प्र.)
Compare Prices
Seller
Binding Type
Price
Details
Ebook
30 INR / 0.46 $
Ebook
64.52 INR / 1.00 $
Ebook
64.46 INR / 1 $
Ebook
64.42 INR / 1.00 $
Paperback
152 INR / 2.35 $
Customer Reviews
  • Give Your Review Now

Ebook : 30 INR

Embed Widget