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Kahani Ban Ke Mit
Kahani Ban Ke Mit

Ebook : 50 INR     Paperback : 99 INR

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ISBN : 978-93-86352-22-4

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मिटना है तो कहानी बनके मिट
अगर कुछ न कर सका,
इस जिंदगानी में,
तू बस तिरंगे की सलामी करके मिट।।

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-93-86352-22-4

Number of Pages : 80

Weight : 110 gm

Binding Type : Ebook , Paperback

Paper Type : Cream Paper(58 GSM)

Language : Hindi

Category : Poetry

Uploaded On : January 17,2017

Partners : Markmybook , Amazon , Kraftly , Payhip , Flipkart , Snapdeal , Purchasekaro.com , Dailyhunt

मूलतः देश भक्ति के नवोदित कवि श्री आशीष कुमार श्रीवास्तव (स्वरलम) का जन्म 2 मई 1989 आदि गंगा जमुना के तहजीवी अंचल ग्राम उगईपुर विकास खण्ड दूबेपुर सुल्तानपुर उ०प्र० में हुआ।जीवन यात्रा में शिक्षार्थ त्रिभाषा से स्नातक किया। कम्प्यूटर की तकनीकी शिक्षा हस्तगत करके अपने प्रबल अध्यापकीय अभिरूचि के कारण शिक्षा के क्षेत्र में अनवरत् सेवारत हैं। अभी कमला नेहरू ग्रुप आॅफ़ इंस्टीट्यूशन सुल्तानपुर में प्रबंधन संकाय में कार्यरत हैं।



‘‘आपके बीच उपस्थिति दर्ज कराने के माध्यम बनी आपकी साहित्यिक रचनाएँ जो निरंतर पहचान के सफरनामे में अलख जगाने की शुभेच्छुक हैं।‘



निहित जीवन पथ पर अभिभावक बनकर खड़े रहे भाई- सचिन श्रीवास्तव 'पुजारी' (भजन गायक ) एवं सभी मित्रगणों कों बहुत सारा आभार।
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Customer Reviews
  • shubham

    thats very nic jai hind ke jawan

  • Ashish Srivastava

    मिटना है तो कहानी बनके मिट अगर कुछ न कर सका, इस जिंदगानी में, बस तू तिरंगे की सलामी करके मिट।। ‘‘आपके बीच उपस्थिति दर्ज कराने के माध्यम बनी आपकी साहित्यिक रचनाएँ जो निरंतर पहचान के सफरनामे में अलख जगाने की शुभेच्छुक हैं।‘‘

  • shubhra

    overview is very encouraging.

Ebook : 50 INR

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