Book Detail

Jai Hind Ki Sena
Jai Hind Ki Sena

    Paperback : 200 INR

Not Reviewed

ISBN : 978-81-8002-015-5

Availability: Out Of Stock

Choose Binding Type

Quantity

Check Availability At
“युद्ध अच्छे नही होतें, युद्ध कभी सराहे नहीं गए। युद्ध से शान्ति भंग होती है। धन-जन-सम्पत्ति का विनाश, नारी की अस्मिता का अपमान व मानवाधिकारों का सर्वाधिक उल्लंघन होता है पर युद्ध शान्ति, व्यवस्था, न्याय, धर्म व स्वतंत्रता की पुनस्र्थापना के लिए आवश्यक भी हो जाते है तथापि युद्धों को टाला जाना चाहिए तथा मनुष्य मात्र को आपस में मिलजुलकर सह अस्तित्व के साथ जीना चाहिए। विश्व-एकता की आज के युग में नितान्त आवश्यकता है।”

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-81-8002-015-5

Number of Pages : 182

Weight : 400 gm

Binding Type : Paperback

Paper Type : Cream Paper(58 GSM)

Language : Hindi

Category : Novel

Uploaded On : November 10,2016

महेन्द्र भीष्म

जन्म: वसन्त पंचमी, 1966 को ननिहाल के

गाँव खरेला, (महोबा) उ.प्र. में।

शिक्षा: प्रारम्भिक शिक्षा बिलासपुर (छत्तीसगढ़),

पैतृक गाँव कुलपहाड़ (महोबा) एवं

अतर्रा (बाँदा) उ.प्र. में।

स्नातक (सैन्य विज्ञान) एवं परास्नातक

(राज विज्ञान) बुन्देलखंण्ड विश्वविद्यालय,

विधि स्नातक, लखनऊ विश्वविद्यालय से।

टेलीफिल्म: ‘लालच‘ कहानी मे टेलीफिल्म का निर्माण

(1999)

प्रकाशित

कृतियाँः पुरूस्कृत कहानी संग्रह

ऽ तेरह करवटें (1996)

ऽ एक अप्रेषित-पत्र (2004)

ऽ क्या कहें? (2008)

उपन्यास

ऽ जय! हिन्द की सेना (2010)

ऽ हिजड़ा (2010)
Customer Reviews
  • Give Your Review Now

Paperback : 200 INR

Embed Widget