Book Detail

Nai Subah
Nai Subah

Ebook : 40 INR

4.5
1 Reviews

ISBN : 978-93-86163-02-8

Availability: In Stock

Choose Binding Type

Quantity

बच्चे की प्रथम अध्यापक है माँं।
उसे बनाने सँवारने की षिल्पकार है माँ।।
खुद दुःख दर्द झेलकर।
न आने देती आँच बच्चों पर।।
रखे सदा ख्याल उसके स्वास्थ का।
न पड़ने दे प्रभाव बच्चों पर बुरी आदतों का।
रखे ख्याल उसकी सब जरूरतों का।
देती है पाठ सदा,
सत्य, अहिंसा, परोपकार तथा करूणा का।।
मिलती है षिक्षा बड़ो के आदर की।
अपने से छोटों से स्नेह और दुलार की।।
बच्चे के बिना माँ की पहचान अधूरी।
उसके परिश्रम की नहीं है कोई बराबरी
माँ के चरणों पर लुटा दो दुनिया सारी।।

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-93-86163-02-8

Number of Pages : 57

Binding Type : Ebook

Paper Type : Cream Paper(58 GSM)

Language : Hindi

Category : Poetry

Uploaded On : June 23,2016

Partners : Payhip , Smashwords , scribd

Compare Prices
Seller
Binding Type
Price
Details
ebook
136.27 INR / 2.00 $
ebook
136.27 INR / 2.00 $
ebook
136 INR / 2.00 $
Customer Reviews
  • Chandrakant Kulkarni

    Very good book recharge your mind & body. Don't miss to download it. This book will gives fact of agriculture in our country & many more social issues.

Ebook : 40 INR

Embed Widget