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Sahitya Safar ka Ek Dasak
Sahitya Safar ka Ek Dasak

Ebook : 49 INR     Paperback : 499 INR

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ISBN : 978-93-85818-41-7

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“साहित्यिक सफर का एक दशक” पुस्तक की रचना करने का मेरा उद्देश्य था, जो कुछ मैंने एक दशक के भीतर इधर-उधर लिखा और जो कुछ इधर-उधर प्रकाशित हुआ, चाहे भूमिका, समीक्षा या मूल्यांकन, चाहे संस्मरण, चाहे साक्षात्कार अथवा बड़े-बड़े लेखकों के जीवन संबन्धित आलेखों के रूप में क्यों न हो, उन सभी विधाओं को एक साथ जोड़कर माला के रूप में पिरोना। मैंने सन 2014-15 में जिन लेखकों की कृतियों का अध्ययन किया और जिनके लेखन, संस्थानों, व्यक्तित्व या साहित्यिक घटनावलियों ने मुझे प्रभावित किया, उन विषयों या स्मृतियों पर मैंने कलम चलाने का क्षुद्र प्रयास किया है।

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-93-85818-41-7

Number of Pages : 656

Weight : 521 gm

Binding Type : Ebook , Paperback

Paper Type : Cream Paper(70 GSM)

Language : Hindi

Category : Fiction

Uploaded On : April 16,2016

Partners : Payhip , Smashwords , Ebay , Amazon , Flipkart , shopclues , ezebee.com , Paytm , Rockstand.in , scribd

दिनेश कुमार माली सम्मान: • कोल इंडिया तथा महनदी कोलफील्डस द्वारा राजभाषा सम्मान। • भारतीय राजभाषा विकास संस्थान, देहरादून द्वारा आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा संगोष्ठी 2011, मदुरै में राजभाषा विषिष्टता सम्मान तथा विषेष राजभाषा विषिष्टता सम्मान द्वारा सम्मानित। • चतुर्थ अंर्तराट्रीय हिंदी सम्मेलन 2011 थार्इलैड में सृजन-सम्मान संस्थान, रायपुर द्वारा सृजन-श्री से सम्मानित। • लखनऊ में आयोजित द्वितीय अंतराष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में वर्ष 2012 के श्रेष्ठ लेखक (संस्मरण) के लिए तस्लीम परिकल्पना पुरस्कार से सम्मानित।
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Customer Reviews
  • Dinesh Mali

    माओ त्से तुंग व लु शुन की विशेष जानकारी भी इस पुस्तक में दी हुई है, आपको अवश्य पसंद आएगी।

  • Dinesh Mali

    मेरे साहित्यिक सफ़र के एक दशक के महान भारतीय लेखकों में स्वर्गीय नन्द चतुर्वेदी,उदयपुर, स्वर्गीय जगदीश मोहन्ती,भुवनेश्वर,स्वर्गीय ॐ ईश्वरी कवि कन्या,तालचेर, स्वर्गीय डॉ दिनेश्वर प्रसाद,रांची की महान कृतियों से वाकिफ होने के साथ-साथ निराला के समकालीन कवियों में महेंद्रभटनागर,ग्वालियर,वरिष्ठ रचनाकार नन्द भरद्वाज,जयपुर, मेरे मार्गदर्शक, हिंदी के अग्रिम पंक्ति के अति-लोकप्रिय कवि उद्भ्रांत,वरिष्ठ व्यंग्यकार गिरीश पंकज रायपुर, दलित लेखक असंगघोष,भोपाल, उर्वशी के संपादक डॉ.राजेश श्रीवास्तव,महिला रचनाकारों में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध डॉ.सरोजिनी साहू,भुवनेश्वर, केंद्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित व सलिला की संस्थापक डॉ.विमला भंडारी,उदयपुर, अनेक राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित, त्रिसुगंधि संस्था की संस्थापिका व भारतीय संस्कृति की विशिष्ट पहचान डॉ.आशा पाण्डेय ओझा,जोधपुर, कुमायूं कॉलेज की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ.प्रभा पंत,हल्द्वानी, मुंशी प्रेमचंद के समकालीन विख्यात ओड़िया साहित्यकार स्वर्गीय फ़क़ीर मोहन सेनापति की पोती ओड़िया,आसामी व अंग्रेजी की अनुवादक,साहित्यकार व कवयित्री मोनालिसा जेना अतिरिक्त ओड़िया व अंग्रेजी भाषा के समीक्षक ,अनुवादक, साहित्यकार डॉ. प्रसन्न बराल,तालचेर ,प्रसिद्ध समाज सेवी जगदीश सिंह परिहार,जोधपुर,श्री प्रकाश चंद्र पारख, भूतपूर्व कोल सचिव,भारत सरकार, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित श्री सीताकांत महापात्र,भूतपूर्व मुख्य सचिव,संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार व हमारी कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड भूतपूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री अनिमेष नंदन सहाय - सभी से सम्बंधित कृतियों की समीक्षा -संस्मरण -साक्षात्कार -अनुवाद-मूल्यांकन बहुत कुछ पाएंगे इस कृति में। आज इस पुस्तक की ई बुक बनी है, और आज ही के दिन अर्थात 16 अप्रेल 1993 में मैंने सम्बलपुर में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड ज्वाइन किया था, इसलिए यह तारीख मेरे लिए अति महत्त्वपूर्ण है। कीमत बहुत ही कम केवल रूपए 49 पृष्ठ 665, पेपरबैक रुपए 499 , प्रकाशक ऑन लाइन गाथा,लखनऊ। अमेजन,फ्लिपकार्ट तथा अन्य वेबसाइट सभी पर उपलब्ध। सुधी पाठकों की प्रतिक्रिया का इन्तजार रहेगा।

  • Dinesh Mali

    भारत सरकार के भूतपूर्व कोल-सेक्रेटरी श्री प्रकाश चन्द्र पारख की बहुचर्चित आत्मकथात्मक पुस्तक “क्रूसेडर या कान्स्पिरेटर?” का अँग्रेजी से तथा स्वर्गीय जगदीश मोहंती के महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड के ईबघाटी कोयलांचल पर आधारित ओडिया उपन्यास “निज निज पानीपत” का मैंने हिन्दी में अनुवाद कर उसकी रचना-प्रक्रिया पर प्रकाश डाला है। इन लेखकों के जीवनशैली ने मुझे गहराई से प्रभावित किया है, खासकर श्री प्रकाश चन्द्र पारख की ईमानदार छबि ने। अन्य कृतियों में नन्द चतुर्वेदी द्वारा संपादित ‘शतायु लोहिया’,नन्द भारद्वाज के उपन्यास ‘आखे खुलता रास्ता’ उद्भ्रांत की ‘मुठभेड़’, असंग घोष की ‘हम गवाही देंगे’,डॉ॰विमला भण्डारी की ‘कारगिल की घाटी’, गिरीश पंकज की ‘एक गाय की आत्मकथा’, डॉ प्रभापंत के काव्यसंग्रह ‘तेरा तुझको अर्पण’, राजेश श्रीवास्तव के कहानी संग्रह ‘इच्छाधारी लड़की’ तथा आशा पाण्डेय ओझा के काव्य संग्रह “वक्त की शाख से” के गहन अध्ययन ने मुझे वरिष्ठ लेखकों से लेकर समकालीन ख्यातिलब्ध रचनाकारों की अलग-अलग मानसिक पृष्ठभूमि वाले कथानकों और अंतर्वस्तु को समझने तथा परखने का अवसर प्रदान किया। इसके अतिरिक्त,कुछ बड़े साहित्यकारों में डॉ॰महेंद्र भटनागर,डॉ॰विमला भण्डारी,माओस्ते तुंग,लुशुन के उज्ज्वल व्यक्तित्वों ने इस तरह प्रभावित किया है कि मैंने उनका मेरे पास उपलब्ध समूचा साहित्य को मैंने डाला। जिसका मैंने भाग-2 में मूल्यांकन शीर्षक के अंतर्गत विवेचन किया है। संस्मरण भाग में सलूम्बर की सलिला संस्था द्वारा आयोजित स्वप्नदर्शी बाल साहित्यकार सम्मेलन,पाली की त्रिसुगंधी संस्थान, भुवनेश्वर के सर्वभाषा कवि सम्मेलन,थाइलेंड की पहली विदेश यात्रा,कोटा में अध्ययन रत मेरे बच्चों पर आधारित संस्मरण के अतिरिक्त जोधपुर में अध्ययन करते समय देत भीकमदास परिहार शिक्षा सेवा सदन के अध्यक्ष जगदीश सिंह परिहार, रांची विश्वविद्यालय के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ॰ दिनेश्वर प्रसाद तथा सारला पुरस्कार से सम्मानित ओडिया भाषा के प्रख्यात लेखक जगदीश मोहंती से जुड़ी हुई यादों को शब्दों के आवरण में समेटने का प्रयास किया है। ‘साक्षात्कार’ भाग में मैंने ओडिया और अँग्रेजी भाषा के विशिष्ट साहित्यकार व समीक्षक डॉ॰ प्रसन्न कुमार बराल, ओडिया लेखिका तथा अँग्रेजी की अनुवादिका मोनालिसा जेना तथा हमारी कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड के भूतपूर्व अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक आईआईटी,खड़गपुर से खनन अभियांत्रिकी से उत्तीर्ण श्री अनिमेष नन्दन सहाय के मेरे द्वारा लिए गए साक्षात्कारों को शामिल किया गया है। राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पटल पर महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड की छबि को अभ्रंकष ऊंचाई तक पहुंचाने वाले अनिमेष नन्दन सहाय सेवानिवृति के समय किया गया अभिनंदन पत्र भी जोड़ा गया है। इतना कुछ होने के बावजूद मुझे यह ग्रंथ अधूरा-सा लग रहा था, अगर मैं इसमें मेरे चेहते ओडिया लेखकों में सीताकान्त महापात्र तथा सरोजिनी साहू को नहीं जोड़ लेता। इस हेतु उन दोनों के जीवन प्रसंगों को अनुवाद के माध्यम से शामिल किया है।अंत में,मुझे आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि मेरी यह पुस्तक आपको अवश्य पसंद आएगी। पाठकों की प्रतिक्रिया का बेसब्री से मुझे इंतजार रहेगा।

Ebook : 49 INR

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