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Murakh to ekahi bhalo
Murakh to ekahi bhalo

Ebook : 99 INR     Paperback : 200 INR

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ISBN : 978-93-85818-22-6

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व्यंग्यकार और कहानीकार कमलानाथ के व्यंग्य इस संग्रह में उनकी अपनी अनूठी साहित्यिक शैली में आसपास बन रही मनोरंजक परिस्थितियों, उपहासास्पद आयोजनों, अजीबोग़रीब राजनैतिक तेवरों, शासकीय धांधलियों, विनोदपूर्ण घटनाक्रमों, और विभिन्न क्षेत्रों में तथाकथित ‘पहुंचे हुए’ लोगों के कार्यकलापों का गुदगुदाने वाला ब्यौरा प्रस्तुत करते हैं।समाज में व्यापक विसंगतियोंऔर विडंबनाओं का साक्षात्कार वे पाठक के साथ अतिशयोक्ति, कटाक्ष, परिहास, प्रतीकों और हास्य के पुट के संयोजन के माध्यम से कराते हैं।
सामाजिक, धार्मिक, साहित्यिक, राजनैतिक परिवेशमें दिखाई देने वाले विरोधाभासों, चोंचलेबाज़ियों, तरह तरह के ढकोसलों,सतत् विकासशील भ्रष्टतंत्रों और विभिन्न क्षेत्रों के स्वयम्भू मठाधीशों के कार्यकलापों, आयोजनों में घटित हास्यास्पद परिस्थितियोंआदि पर चुटकी लेते कमलानाथ के व्यंग्य ताज़गी देने वाली साहित्यिक शब्दावली की महक से सराबोर तो होते ही हैं, उनके कटाक्षों मेंस्मित हास्य का पुट भी समाया होता है। उनकी कहानियां और व्यंग्य साठ के दशक से विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं।एक सफल इंजीनियर के गौरवमय दायित्वों का निर्वहन करते हुए चार दशाब्दियों से तकनीकीलेखन करते रहने पर भी कमलानाथ की साहित्यिक गंभीरता उनकी हिंदी कहानियों और व्यंग्यों की भाषाशैली में झलकती है।
• “ये गंभीर और परिपक्व व्यंग्य-रचनाएं सस्ती लोकप्रियता, प्रसिद्धि या व्यंग्यबाज़ार की मांग पर लिखी हुई नहीं, बल्कि सुलझी दृष्टि और सधी कलम से एक पैदाइशी व्यंग्यकार की कलमकारी का नमूना हैं।”
-डॉ. सूर्यबाला |
(प्रसिद्ध व्यंग्यकार)

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-93-85818-22-6

Number of Pages : 213

Weight : 250 gm

Binding Type : Ebook , Paperback

Paper Type : Cream Paper(70 GSM)

Language : Hindi

Category : Fiction

Uploaded On : December 17,2015

Partners : Smashwords , Flipkart , ezebee.com , google play , Kobo , shopclues , ezebee.com

कमलानाथ (जन्म 1946) जलविज्ञान एवं जल-विद्युत अभियांत्रिकी के अन्तरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हैं। विश्व सिञ्चाई, जल निकासी तथा बाढ़ प्रबंधन विज्ञान के विकास में उत्कृष्ट नेतृत्व तथा विश्व खाद्य सुरक्षा और जलविज्ञान में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अनेक अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाज़ा गया है। वे 1976-77 में जल संसाधन विशेषज्ञ के रूप में कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, डेविस (अमरीका) में फ़ोर्ड फ़ाउन्डेशन फ़ैलो रह चुके हैं। जल-विद्युत अभियांत्रिकी (वाटर पॉवर इंजीनियरिंग) पर उनकी पुस्तक देश विदेश में ख्याति प्राप्त है। अपने विशेषज्ञता क्षेत्रों के तकनीकी विषयों के अतिरिक्त वेदों, उपनिषदों आदि वैदिकवाङ्मय में जल, पर्या-वरण, पारिस्थितिकी आदि पर उन्होंने प्रचुरता से लिखा है तथा अनेक देशों में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में व्याख्यान दिए हैं। उनके शोधलेख कई विश्वकोशों में तथा विभिन्न संस्थानों के प्रकाशनों में उपलब्ध हैं। हिंदी में उनके व्यंग्य और कहानियां साठ के दशक से विभिन्न पत्रिकाओं में छपते रहे हैं। आपका व्यंग्यसंग्रह “साहित्य का ध्वनि तत्त्व उर्फ़ साहित्यिक बिग बैंग” 2015 में अयन प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशित हुआ है। 1969 से अपने कार्यकाल के दौरान वे मालवीय नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टैक्नोलॉजी जयपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफ़ेसर रहे तथा 1981 से 1989 तक भारत सरकार के उद्यम - नैशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ऍन.ऍच.पी.सी. लिमिटेड) में जलविज्ञान और जल संसाधन विभाग के अध्यक्ष के रूप में देश की अनेक बाँध परियोजनाओं के निर्माण से संबद्ध रहे। 1989 में वे 110 देशों की सदस्यता वाले अन्तरराष्ट्रीय आयोग - इण्टरनैशनल कमीशन ऑन इरिगेशन एंड ड्रेनेज (आई.सी.आई.डी.) के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में आये, जहाँ से 2010 में वे आयोग के सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए। सम्प्रति आप जलसम्बन्धी वैदिक ज्ञान को समर्पित एक्वाविज़्डम” नामक संस्था के चेयरमैन हैं तथा भारत में जलविज्ञान बाँध एवं जलविद्युत परियोजनाओं के लिए तकनीकी विशेषज्ञ/सलाहकार के रूप में सेवायें दे रहे हैं।
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  • Critical Eye

    I read some of the satires in the magazines earlier. This collection of satires is very interesting and has been written humorously in excellent Hindi. The subjects chosen for the book are all unique and different. The satires taunt on the Baba’s we see all around us who dupe their unsuspecting followers, on mentality of workers in office where nobody works, on lengthy discussions of so-called ‘wise’ people reaching nowhere, on typical poets and their characteristics, on how to ogle at a beautiful girl ‘respectfully’, and many such interesting topics numbering 20. It is a book everyone should possess.

Ebook : 99 INR

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