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Kalrav (tanaka - sedoka sajha sangrah)
Kalrav (tanaka - sedoka sajha sangrah)

Ebook : 89 INR     Paperback : 160 INR

4.4
15 Reviews

ISBN : 978-93-85818-06-6

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परिवर्तन जीवन का नियम है लेकिन यह नियम जितना शाश्वत है इसकी स्वीकार्यता उतनी सहज नहीं । परिवर्तन का विरोध हर स्तर पर सदा होता आया है । साहित्य भी इससे अछूता नहीं । साहित्य जीवन का प्रतिबिम्ब है इसलिए परिवर्तन का नियम इस पर भी लागू होता है और परिवर्तन के विरोध की सामान्य प्रवृति के कारण निराला की " जूही की कली " जैसी उत्कृष्ट कविता भी कभी अप्रकाशित लौट आई थी । आज हिंदी में जापानी विधाओं को लिखने का चलन बढ़ रहा है लेकिन इनको देखकर नाक-भौं चढ़ाने वाले भी कम नहीं । इसी प्रकार फेसबुक पर लिखी जा रही कविता के प्रति भी पुराने साहित्यकार वक्रदृष्टि रखते हैं ।

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-93-85818-06-6

Number of Pages : 136

Weight : 120 gm

Binding Type : Ebook , Paperback

Paper Type : Cream Paper(58 GSM)

Language : Hindi

Category : Poetry

Uploaded On : November 23,2015

Partners : Smashwords , Flipkart , shopclues , google play , scribd , Kobo , ezebee.com , Amazon

कहाँ से करूँ शुरूआत ........... या ....... कहाँ ले जा कर करूँ समाप्त ..... क्या .... दर्द जो समय दिया , वो , ज्यादा है दर्दनाक ...... या ........... वो जो शरीर दे रहा दर्द , है ज्यादा दर्दनाक .... अकेला रहना है , सजा ..... या .... अकेलापन है , बड़ी सजा बूँद हूँ , खुद में कोई औकात नही लेकिन दरिया सागर से मिल दिशा दशा बदलने की चाहत है
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  • DDM Tripathi

    कलरव निश्चित रूप से जापानी काव्य विधा के तांका व सेदोका कविताओं का एक बढिया संग्रह है।आदरणीया विभारानी श्रीवास्तव संपादिका,कलरव व सहयोगी रचनाकार बधाई के पात्र हैं।कलरव छपने के पश्चात इसने जिस तरह कम समय में लोकप्रियता पायी है वह उत्साहवर्द्धक है। शुभकामनाओं सहित धरणीधर मणि त्रिपाठी

  • DDM Tripathi

    कलरव निश्चित रूप से जापानी काव्य विधा के तांका व सेदोका कविताओं का एक बढिया संग्रह है।आदरणीया विभारानी श्रीवास्तव संपादिका,कलरव व सहयोगी रचनाकार बधाई के पात्र हैं।कलरव छपने के पश्चात इसने जिस तरह कम समय में लोकप्रियता पायी है वह उत्साहवर्द्धक है। शुभकामनाओं सहित धरणीधर मणि त्रिपाठी

  • DDM Tripathi

    कलरव निश्चित रूप से जापानी काव्य विधा के तांका व सेदोका कविताओं का एक बढिया संग्रह है।आदरणीया विभारानी श्रीवास्तव संपादिका,कलरव व सहयोगी रचनाकार बधाई के पात्र हैं।कलरव छपने के पश्चात इसने जिस तरह कम समय में लोकप्रियता पायी है वह उत्साहवर्द्धक है। शुभकामनाओं सहित धरणीधर मणि त्रिपाठी

  • DDM Tripathi

    कलरव निश्चित रूप से जापानी काव्य विधा के तांका व सेदोका कविताओं का एक बढिया संग्रह है।आदरणीया विभारानी श्रीवास्तव संपादिका,कलरव व सहयोगी रचनाकार बधाई के पात्र हैं।कलरव छपने के पश्चात इसने जिस तरह कम समय में लोकप्रियता पायी है वह उत्साहवर्द्धक है। शुभकामनाओं सहित धरणीधर मणि त्रिपाठी

  • DDM Tripathi

    कलरव निश्चित रूप से जापानी काव्य विधा के तांका व सेदोका कविताओं का एक बढिया संग्रह है।आदरणीया विभारानी श्रीवास्तव संपादिका,कलरव व सहयोगी रचनाकार बधाई के पात्र हैं।कलरव छपने के पश्चात इसने जिस तरह कम समय में लोकप्रियता पायी है वह उत्साहवर्द्धक है। शुभकामनाओं सहित धरणीधर मणि त्रिपाठी

  • Pari Vikram

    nice collection of poems

  • Akanksha Verma

    no doubt nice poetry book, Buy it.

  • Rajendra Sharma

    having good collection of poems,

  • dinesh chandra pandey

    कलरव हिन्दी काव्य में तांका सेदोका जापानी विधा की पुनर्स्थापना की दिशा में नवोदित रचनाकारों द्वारा किया गया सफल प्रयास है. जो कि जप्सनी काव्य कलेवर में भारतीयता की सौंधी सुगंध बिखेरने के साथ-2 अपने समय की चुनौतियों व चिंताओं की पड़ताल करती है.

  • विभा रानी श्रीवास्तव

    सबकी मेहनत सार्थक हुई बधाई और शुभकामनायें

  • Harsh Love

    बधाईयाँ सभी को ...एक सफल सांझा प्रयास

  • Parveen Malik

    कलरव की चहचाहट वाकई मधुर है । 😊😊👌👍👍

  • shubhra

    bhut badhiya book , kai sare lekhak ne milke umda kitab prstut kari hai :)

  • Kailash Kalla

    शानदार , सभी लेखक बधाई के पात्र ...एक सफल साँझा संग्रह ,,,,संपादिका विभा रानी श्रीवास्तव का सफल नेतृत्व

  • Sandeep Kumar

    तांका और सेदोका की अच्छी पुस्तक |

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