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Khusnaseeb Auraten
Khusnaseeb Auraten

Ebook : 59 INR

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इस संग्रह मे ́ शुकिस्मत शीर्षक से एक कहानी है। ऐसा नही ́है कि ये कहानी मुझे सबसे प्रिय है इसलिए संग्रह का शीर्षक यही रखा है।इंदौर से जब जितेन्द्र चौहानजी का निमंत्रण मिला कि वे मेरी कोई पुस्तक प्रकाशित करना चाहते है ́ तो मुझे खुशी हुई। हालाँकि वे मेरी काव्य रचनाएँ प्रकाशित करना चाहते थे। मैने विचार किया और उन कहानियो ́ को इस संग्रह मे ́ शामिल किया, जिनमे महिलाऐ खुशकिस्मत है ́। बस आपको कहानी पढ ̧कर उसमे किसी एक ख़ुशकिस्मत या खशनसीब महिला की तलाश करनी है। आपने उसे क्यों खुशकिस् स्वीकार किया आप मुझे लिख सकते है ́। अगर आपकी तलाश सही रही तो मुझे पूरा विश्वास है आपके हाथ ख़ुशियो ́ का खजाना लग सकता है। आप सोचेगे कैसे, हो सकता है आप मुझसे अभी जानना भी चाहें ! मै ́ इस समय आपको कुछ नही ́ बता सकती क्योकि परिचित नही ́ हूँ। आप मेरी इन कहानियो ́ को पढ़े और मुझसे ̧े पत्राचार करे ́, फिर उस खजाने की बात की जा सकती है जो आपका लोक परलोक खुशहाल कर सकता है।

जितेन्द्रचौहानजी का मै ́ आभार व्यक्त करती हूँ कि उन्होने इस पुस्तको के माध्यम से आपके हाथो ́ मे ́ थमाया, आप तक पहुँचाया। आप मुझे लिखे ́ न लिखे ́, सदा खुशहाल बने रहे ́। इन्ही ́ शुभ कामनाओ ́ के साथ...।

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

Number of Pages : 49

Binding Type : Ebook

Paper Type : Cream Paper(58 GSM)

Language : Hindi

Category : Fiction

Uploaded On : October 20,2015

Customer Reviews
  • Ramesh Thakur

    really nice book

  • Suresh Singh

    kya ye book, hardcopy me available hai ?

  • Rita Rai

    nice book.

  • Rajendra Sharma

    no doubt, give 5 stars, after reading this book i found my true love.

  • Sumit Srivastava

    i bought the copy and i am reading it from tomorrow :)

Ebook : 59 INR

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