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Indian Red Cross Society
Indian Red Cross Society

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जूनियर रेडक्रास, रेडक्रास सोसायटी का अन्तर्राष्ट्रीय रुप से अभिस्वीकृत एक कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में न केवल पशिचमी देशों में वरन अपने ही देश के अनेकों राज्यों में भी बहुत लोकप्रियता प्राप्त कर ली है। यह एक चरित्र निर्माण कार्यक्रम है। जिसमें स्वास्थ्य शिक्षा,नैतिक मूल्यों के संरक्षण और पीडितों और असहायों की सहायता करने के लिए। हमारी शालाओं के बच्चों में सच्ची कामना जागृत करने पर जोर दिया गया है। अत: हमें प्रसन्नता है कि इस अकादमिक वर्ष से राज्य शिक्षा विभाग के संपूर्ण सहयोग से अपने राज्य मध्यप्रदेश में इस कार्यक्रम को एक नये व्यवसिथत रुप से शुरु करने की कामना है। रेडक्रास सोसायटी की राज्य शाखा ने जूनियर रेडक्रास सोसायटी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। अत: सोसायटी ने सभी स्तरों पर संगठकों और खासकर विधालयों में काउंसलरों को मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए इस पुसितका का प्रकाशन किया है। मैं चाहता हू कि मध्यप्रदेश राज्य के समस्त विधालयों में जूनियर रेडक्रास कार्यक्रम उचित ढ़ंग से संगठित किया जाये। जिससे हमारे बच्चे,जो कि इस देश के भावी नागरिक हैं। स्वास्थ्य के प्रति सचेत होने के साथ - साथ सेवा की सच्ची भावना भी विकसित करें। जूनियर रेडक्रास कार्यक्रम के संबंध में रेडक्रास सोसायटी म.प्र. शाखा द्वारा प्रकाशित यह पुसितका अत्यंत ही विस्तार पूर्ण दस्तावेज है। इसमें न सिर्फ विधालयों में जूनियर रेडक्रास की गतिविधियों को संगठित करने में सहायता मिलेगी एवं मानवता की सहायता के लिए समर्पित अग्रणी सामाजिक संस्था Þरेडक्रासß के संबंध में लोगों में जागरुकता लाने में भी सहायता मिले। ß शुभकामनाओं सहित Þ डा.विजय चौरसिया चेयरमेन जूनियर रेडक्रास सोसायटी मध्यप्रदेश राज्य शाखा भोपाल

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

Number of Pages : 44

Binding Type : Ebook

Paper Type : creme

Language : Hindi

Category : HEALTH & FITNESS

Uploaded On : October 6,2015

रेडक्रास के जनक जां हेनरी डÓूनांट (मर्इ8,1828.अक्टूबर 30.1910), सिवस व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता थे। आपने 1859 में इटली में ,सेलफरीनो का युद्व देखा और अपने अनुभवों को 'ए मेमोरी आफ सेलफरीनो के शीर्षक से पुस्तकबद्व किया। यह अनुभव 1863 में रेडक्रास के निर्माण और 1864 में जिनेवा कन्वेंशन का आधार बना। आपके कायोर्ं के लिए 1901 में आपको पहला नोबल शांति पुरुष्कार दिया गया। सर हेनरी डÓूनांट का शुरुआती समय जिनेवा में बीता जहां आपके माता . पिता के केलिवनिस्ट संस्कारों के चलते बचपन में ही आप सामाजिक कायोर्ं में रुचि लेने लगे। 1852 में आपने जिनेवा के वाय.एम.सी.ए. चैप्टर की नींव डाली ।बैंक में नौकरी के दौरान हेनरी डÓूनांट ने अलजीरिया और टयूनिशिया की यात्रा की । यहां के अनुभवों को लेखनी से उतारा और धीरे - धीरे फ्र्रेंच उपनिवेशों में व्यापार शुरु किया। सर हेनरी डÓूनांट 24 जून1859 को इटली के सालफरीनो नगर पहुंचे। वहां पर आप फ्रांस और आसिट्रया के बीच हो रहे युद्व के प्रेक्षक बने। वहां आपने देखा कि लड़ार्इ के मैदान में हजारों घायल सैनिकों का क्ष्याल रखने वाला कोर्इ भी नहीं था। इस अवस्था से दुखी होकर सर हेनरी डÓूनांट ने स्थानीय नागरीकों को समझाकर,घायलों की देखभाल करनी शुरु की।स्थानीय लोगों को समझाया कि सभी मनुष्य सहोदर हैं' और इस प्रकार घायलों की देखभाल करने की एक व्यवस्था ने आकार लिया।
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  • Sumit Srivastava

    when i purchased the copy i was not sure of what actually it contains but now i know i invested my money the right place

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