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भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी रेडक्रॉस सन्देश 2015
भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी रेडक्रॉस सन्देश 2015

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जां हेनरी ( मई8,1828.अक्टूबर 30.1910), स्विस व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता थे। आपने 1859 में इटली में ,सेलफरीनो का युद्व देखा और अपने अनुभवों को [ ए मेमोरी आफ सेलफरीनो ] के शीर्षक से पुस्तकबद्व किया। यह अनुभव 1863 में रेडक्रास के निर्माण और 1864 में जिनेवा कन्वेंशन का आधार बना।

आपके कार्यों के लिए 1901 में आपको पहला नोबल शांति पुरुष्कार दिया गया। सर हेनरी का शुरुआती समय जिनेवा में बीता जहां आपके माता . पिता के केल्विनिस्ट संस्कारों के चलते बचपन में ही आप सामाजिक कार्यों में रुचि लेने लगे। 1852 में आपने जिनेवा के वाय.एम.सी.ए. चैप्टर की नींव डाली ।बैंक में नौकरी के दौरान हेनरी ने अलजीरिया और ट्यूनिशिया की यात्रा की । यहां के अनुभवों को लेखनी से उतारा और धीरे - धीरे फ्र्रेंच उपनिवेशों में व्यापार शुरु किया।

सर हेनरी 24 जून1859 को इटली के सालफरीनो नगर पहुंचे। वहां पर आप फ्रांस और आॅस्ट्रिया के बीच हो रहे युद्व के प्रेक्षक बने। वहां आपने देखा कि लड़ाई के मैदान में हजारों घायल सैनिकों का क्ष्याल रखने वाला कोई भी नहीं था। इस अवस्था से दुखी होकर सर हेनरी ने स्थानीय नागरीकों को समझाकर,घायलों की देखभाल करनी शुरु की।स्थानीय लोगों को समझाया कि सभी मनुष्य सहोदर हैं[ और इस प्रकार घायलों की देखभाल करने की एक व्यवस्था ने आकार लिया।

इस अनुभव को आपने [ ए मेमोरी आफ सेलफरीनो] के नाम से लिपिबद्व किया,जिसमें पहली बार न केवल युद्व की विभीषिका का वर्णन था बल्कि भविष्य में एक पक्ष निरपेक्ष संस्थान के संबंध में विचार किया गया। सर हेनरी अपने इस विचार के साथ यूरोप में घूमने लगे और उनके विचारों पर लोगों ने ध्यान देना शुरु किया।

इस संबंध में 17 फरवरी 1863 में हुई बैठक को रेडक्रास की स्थापना माना जाता है।रेडक्रास की स्थापना आसान नहीं थी। सर हेनरी की पक्ष निरपेक्षता पर प्रशन उठे। सवाल करने वाले सर हेनरी की तरह विचारवान और दूरंदेश नहीं थे। फिर भी उन पर हमले होते रहे और उन्हें लोगों ने उपेक्षित किया।

व्यापार और घर में मुसीबतें बढ़ती रहीं और इन परिस्थितियों ने उन्हें पेरिस में मामूली आय पर रहने को मजबूर किया।1870 में फ्रांस और प्रशिया के बीच लड़ाई में आपने कॅामन रिलीफ सोसायटी की स्थापना की। वे कष्टों से घिरे रहे और लगभग उपेक्षित भी।

1895 में जिनेवा के अखबार में उन्हें रेडक्रास का संस्थापक कहा गया।यह लेख सारे यूरोप में छपा जिससे लोगों ने उनकी महानता पहचानी। इसके बाद उनके जीवन पर आधारित एक किताब आई,जो उनसे बातचीत के आधार पर लिखी गई थी। इसके साथ ही सर हेनरी ने लिखने के अपने काम को और विस्तृत किया और महिलाओं के अधिकारों के प्रति लोगों को जागृत किया।

1901 में सर हेनरी को शांति का पहला नोबल पुरस्कार मिला।उनके साथ यह ईनाम फ्र्रेंच शांतिवारी हांस डेन ने भी बाॅटा ।वे सर हेनरी के पुराने सहयोगी थे। उन्हें पुरस्कार देते हुए कहा गया कि उनसे अधिक योग्य व्यक्ति कोई नहीं ,यह पुरस्कार पाने। ये वे ही थे जिन्होंने चार दशक पहले युद्व के मैदान में घायलों की चिंता में अंतर्राष्ट्रीय संस्थान की नींव रखी।इसके बाद सर हेनरी को अनेक पुरस्कार मिले,वे निरंतर कार्यरत रहे और 30 अक्टूबर 1910 में आपका निधन हुआ। आप एक महान विचार को साकार करने वाले कर्मयोद्वा थे। आपने रेडक्रास के रुप में एक अदभुत उपहार,मानवता के लिए,छोड़ गए।

Edition : 1

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Binding Type : Ebook

Paper Type : creme

Language : Hindi

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