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Saurabh Shri
Saurabh Shri

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समर्पण
माँ !मैंने जो तुम्हें फूल चढ़ाए हैं -
वह मेरी श्वासों का सौंदर्य है।

देवता !
जो मैंने तुम्हें अश्रु - बिन्दु अर्पित किए हैं -
वे मेरी आँखों के मोती हैं !

और ,
जो धूप - दीप प्रज्वलित किए हैं ,
वह ज्योति , पीड़ा की सौदामिनी है।

देव !
मेरा यह नमन एक समर्पण है ,
जिसे न जाने तुमने स्वीकारा है या नहीं ?
- आदर्श आर्या

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

Number of Pages : 128

Weight : 60 gm

Binding Type : Ebook

Paper Type : Cream Paper(70 GSM)

Language : Hindi

Category : Poetry

Uploaded On : December 11,2018

1. जन्म: 1937 भाव की अंजलि भरे, मैं अवतरित होती रही हूँ, प्राण की रस-धार से मैं सृष्टि-सिंचन कर रही हूँ।

2. शिक्षा: एम. ए., पीएच.डी. (नारी वर्ष में नारी विषयक शोध प्रबंध की प्रस्तुति तथा इसे विशेषज्ञों द्वारा डॉ. नगेन्द्र (विभागाध्यक्ष, दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. देवेन्द्रनाथ शर्मा (उपकुलपति, पटना विश्वविद्यालय) द्वारा राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर का स्तरोत्तर शोध प्रबन्ध बताया गया।

3. भाषा ज्ञान: हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी, अपभ्रंश, पाली, राजस्थानी, ब्रज, अवधी, पंजाबी आदि।

4. राजकीय सेवा: प्राध्यापक, विभागाध्यक्ष, स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय का प्राचार्य, विश्वविद्यालय में एक्स ओफिसिओ।

5. टी.वी. एवं रेडियो द्वारा अधिकांश गीत प्रसारित।

6. हिन्दी साहित्य सम्मेलन तथा अन्य विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं द्वारा अभिनन्दित एवं सम्मानित। लेखिका सम्मेलनों में अध्यक्षता एवं प्रतिनिधित्व, पूर्व प्रकाशित रचनायें देश के शीर्षस्थ कवियों एवं विद्वानों द्वारा प्राक्कथित प्रशंसित।

7. अभिनव राष्ट्रीय रचना 'दिव्य-भारती' तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी द्वारा विमोचित।

8. Who's Who (एशियन डाइरेक्ट्री: 1977) में रचनाओं एवं रचनाकार का विवरणात्मक उल्लेख।

डॉ. आदर्श कुमारी आर्या
एम. ए. (हिन्दी - संस्कृत), पी-एच. डी.
पूर्व प्राचार्यस्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजस्थान
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