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Ateet Ki Parchayi
Ateet Ki Parchayi

Ebook : 50 INR     Paperback : 99 INR

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ISBN : 978-93-86915-12-2

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एक ऐसी पुस्तक है जिसमे जीवन के विभिन्न रंग देखने को मिलते
हैं । समाज में होने वाले दुर्वयवहार ,धोख़ा और अन्धविश्ववास से लोगों
का कोमल हृदय किस तरह कठोर हो जाता है । भोले-भाले लोगों
को किस तरह दर्द का एहसास होता है । इस पुस्तक में जो सवेदनायेँ
हैं उसमें हमें अपना दर्द दिखाई देता है । लोगों को किस तरह प्यार
में धोख़ा मिलता है वैसे इसमें प्रेम भी है और ज़िन्दगी के तमाम
उतार-चढ़ाओ भी हैं जो कविता के माध्यम से लोगों के लिए एक
सीख भी है कवियित्र का यह प्रथम प्रयास है लोगों तक अपनी बात
और सवेदनाएँ पहुँचाने का । शायद कोई सवेंदना लोगों के मन को
छू सके और एक अनुभूति हो सके । यह पुस्तक किसी को भेंट करने
के लिए एक उत्कृष्ट उपहार भी है ।

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-93-86915-12-2

Number of Pages : 85

Weight : 100 gm

Binding Type : Ebook , Paperback

Paper Type : Cream Paper(70 GSM)

Language : Hindi

Category : Fiction

Uploaded On : May 2,2018

Partners : Amazon , Snapdeal , Payhip , Smashwords , Kobo , Flipkart

मै कनकलता "कशिश" एक साधारण मध्यम परिवार से ताल्लुक रखती हूँ । मै एक कुशल गहृणी हूँ , अच्छे परिवेश में पली बढ़ी हूँ , क्युकी मेरा पूरा परिवार बहुत शिक्षित तथा स्कूल कॉलेज और विश्विद्यालयों में ऊँचे -ऊँचे पदों पर भी था | मैंने भी महादिद्यालय में बहुत दिनों तक उपाध्यक्ष के पद का भार सम्भाला था । मेरे पिता भी एक सफल प्रिंसिपल और एक सफल लेखक थे। मुझे बचपन से ही कविताओं व गीतों में विशेष रूचि थी ।
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