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Ahinsawadi Tanashah Gandhi
Ahinsawadi Tanashah Gandhi

Ebook : 50 INR     Paperback : 450 INR

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ISBN : 978-93-86915-16-0

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कोई भी देश या व्यक्ति बिचारो सेबनता या बिगड़ता है।देश मे गांधी ने बुद्ध के व्यक्तिगत अहिंसा को समाजिक अहिंसा बनाने की कोशिश की जिसके कारण पूरे समाज मे विकृति पैदा हो गई। कभी भी समाजिक अहिंसा हो नही सकती, खुद को मारने की धमकी देना या हिंसा को सहना भी हिंसा है। इसलिए गांधी की अहिंसा के ज़िद के कारण पूरा हिन्दुस्तान नपुंसकता और कायरता का शिकार हो गया,जिसकी वजह से देश का बटवारा हुआ और लाखो लोगो को जान गंवानी पडी !

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

ISBN : 978-93-86915-16-0

Number of Pages : 493

Weight : 500 gm

Binding Type : Ebook , Paperback

Paper Type : Cream Paper(70 GSM)

Language : Hindi

Category : Fiction

Uploaded On : March 26,2018

Partners : Smashwords , Payhip , Kobo , Kraftly , Snapdeal , Flipkart , Amazon , Payhip

राजनैतिक विचारक आध्यात्मिक चिन्तक रवीन्द्र सिंह का जन्म सन् 1964 में पूर्वी उत्तर प्रदे’ा, देवरिया जिले में देवरहा बाबा की पू-य भूमि के पास नरसिंह डाड़ में हुआ था। विज्ञान का विद्यार्थी होने के बावजूद साहित्य ,वं कला में बहुत:चि होने के कार-ा भारतेन्दू नाट्य अकादमी लखनऊ में प्रवे’ा लेने के कार-ा नाट्य विधा से जुड़ने के साथ-साथ मुंबई में फिल्मों में चार साल सं?ा‘र्‘ा किया। परन्तु सफल न होने के कार-ा राजकीय पोलिटेक्निक से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंÛ में होने के कार-ा अः-ााचल प्रदे’ा में पावर डिपार्टमेन्ट में नौकरी कर ली। यह पुस्तक ‘‘अहिंसावादी ताना’ााह Ûाँधी’’ नवयुवकों में नई चेतना जाÛृत करने मे मिल का पत्थर साबित होÛा और सारे राजनैतिक चेतना को ध्वस्त कर नये सृजन का श्रोत बनेÛा।
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