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Prism Se Nikle Rang
Prism Se Nikle Rang

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जीवन में  भावात्मक -सौन्दर्य या  यथार्थ  की कुरूपता कहीं  न कहीं  हमसे टकराती रहती है।  जो बातें  बार-बार  मन-मस्तिष्क को  खंगालती  रहती हैं , अनेक  प्रकार  की काल्पनिक चित्रावली उभरती  रहती है ,  मन -बुद्धि- संस्कार  के  विराट  आयाम  स्वस्फूर्त  प्रेरणा  बनकर वर्तमान  में पुस्तकों  का पुराना  स्वरुप  बदलती तकनीक ने  हाशिये  पर  ला दिया  है  फिर भी  मुद्रित  पुस्तक से  जुड़े  सुखद  साहित्यिक  अनुभव अपना  असर  बनाये  हुए  हैं। नई  पीढ़ी  में  साहित्य  के प्रति  उदासीनता  भूमंडलीकरण  का दुष्प्रभाव  है जिसने  बाज़ारवाद  को  हमारे  जीवन  में  आक्रामक  रूप  से स्थापित  कर दिया है।

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

Number of Pages : 78

Weight : 100 gm

Binding Type : Ebook

Paper Type : Cream Paper(70 GSM)

Language : Hindi

Category : Poetry

Uploaded On : January 19,2018

Partners : Payhip , Kobo , Smashwords , google play

Ravindra
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Customer Reviews
  • Praveen Kumar

    Excellent

  • viresh kumar

    इस पुस्तक की कविताओं में व्यवस्था से विरोध का स्वर है वहीं रूमानी अंदाज़ भी. इतिहास का बिषय भी है और पौराणिक कथा था. भाषा पर कवि की पकड़ शानदार है. सर्वाधिक प्रभावित करती है रचना "आजकल" जोकि वर्तमान समय में कठिनाइयों से जूझते व्यक्ति की व्यथा कहती है. सम्पूर्ण संग्रह उच्च कोटि की कविताओं का पिटारा है. ज्ञानवर्धक है साथ ही विचारणीय भी. कवि रवीन्द्र सिंह यादव को बधाई.

  • Aman Kumar

    Excellent poetry.

  • Raksha Singh (Jyoti)

    The word slam added extra by mistake.

  • Raksha Singh (Jyoti)

    Explores issues related to society as well as poetry slam on situations or life. Congratulations!

  • Raksha Singh (Jyoti)

    Explores issues related to society as well as poetry slam on situations or life. Congratulations!

  • Dhruv Singh (एकलव्य)

    आदरणीय 'रविंद्र' जी की पुस्तक "प्रिज़्म से नकले रंग" निसंदेह अनुपम कविताओं का संग्रह है ! रविंद्र जी की भाषा शैली अपने आप में पूर्णता को प्राप्त करती है साथ में समसामयिक विषयों पर आप की पकड़ काबिलेतारीफ़ है, यह बताने की आवश्यकता नहीं। कलम की तेज़ धार ,स्वतंत्र विचारों के धनी आदरणीय रविंद्र जी को इस अनमोल पुस्तक हेतु बहुत -बहुत बधाई। "एकलव्य"

  • Vinod Sharma (Veenu)

    है. नीचे लिखे संदेश को देखें- The primary receiver is based in a country that isn't enabled to send payments using balance This means that you are based in a country where PayPal does not support payments using balance. Unfortunately there is nothing we can do from our side as it is a PayPal restriction for your account. We are really sorry.

  • Vinod Sharma (Veenu)

    बधाई रवीन्द्रजी. आपकी भाषा पर पकड़ और बिषयों की गहन पड़ताल पाठक को पुस्तक पढ़ने के लिये आकर्षित करती है. उज्जवल भविष्य की कामनायें.

Ebook : 50 INR

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